17 मई के बाद लॉकडाउन का एग्जिट प्लान, इन चीजों पर जारी रह सकती है सख्ती

लॉकडाउन के तीसरे चरण की मियाद 17 मई को खत्म होने वाली है. उम्मीद है कि इसके बाद अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए ज्यादा गतिविधियों को रियायतें दी जाएंगी, मगर कुछ गतिविधियों पर पाबंदी जारी रहेगी, जिसकी सूची तैयार की जा सकती है. साथ ही लोगों की बीच बने असमंजस को भी कम किया जाएगा.

सरकार ने दो चरणों में कई आर्थिक गतिविधियों को छूट दी थी, मगर दिशानिर्देशों के स्पष्टता के कारण जमीनी स्तर पर ढील के नियमों का असर काफी सीमित देखने को मिला. इसके लिए सरकार एक सूची तैयार कर ही है, जिसमें साफ बताया जाएगा कि क्या करने की इजाजत है और क्या नहीं किया जा सकता.

कई अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के भ्रम से स्थानीय अधिकारियो बेहद अधिक ताकतवर मिल जाती है, जिसके बेजा इस्तेमाल से इंस्पेक्टर राज के दौर का अनुभव होता है. चीन से निकल रही कंपनियों को आकर्षित करने के दौरान इस तरह के प्रणाली भारत के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है.

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मामले से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा “हमारे पास करीब 5-6 चीजों की नेगेटिव लिस्ट है और बाती सभी गतिविधियों को शुरू किया जाएगा सप्लाई चेन पूरी तरह काम करनी चाहिए.” उनके अनुसार, तमाम आर्थिक गतिविधियों में सैनिटाइजेशन और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा.

नेगेटिव लिस्ट में वे सभी गतिविधियां शामिल हैं, जिनमें भीड़ एकत्रित हो सकती है. इसमें साप्ताहिक बाजार और शिक्षण संस्थान भी शामिल हैं, जो कुछ और दिन बंद रहने वाले हैं. इसके अलावा, कई गतिविधियों की इजाजत मिलने वाली है.

सार्वजनिक यातायात को एक सीट छोड़ कर शुरू किया जा सकता है. इसमें डिस्टेंसिंग और डिसइंफेक्टिंग के नियमों का सख्ती से पालन होगा. हवाई यात्रा को बीच की सीट छोड़कर शुरू किया जा सकता है. दफ्तरों में भी 10 से अधिक लोगों को एकत्रित होने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

नए नियमों के अनुसार, फैक्ट्रियों की शिफ्ट में 40 मिनट का फासला रखना जरूरी होगा, जिस दौरान सैनिटाइजेशन किया जाएगा. तमाम जगहों पर हैंड सैनिटाइजर्स की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी. हालांकि, इस विषय पर अंतिम निर्णय 15 मई के आसपास लिया जाएगा.

एक अन्य अधिकारी ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर कहा, “स्थानीय प्रशासन द्वारा लागू मौजूदा प्रतिबंध बिजनेस और उद्योंगों के खुलने का मार्ग रोक रहा है, जिससे दिक्कतें हो रही हैं. बिना परिचालन और सप्लाई चेन की वजह से कई सेक्टर्स को अनेक चुनौतियां आ सकती हैं.”